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RERA 5-वर्षीय स्ट्रक्चरल डिफेक्ट वारंटी — क्लेम कैसे करें, क्या कवर्ड है, और बिल्डर्स आपको क्या नहीं बताएंगे

पजेशन (कब्जा) मिलने के बाद 5 साल तक बिल्डर को शिकायत के 30 दिनों के भीतर स्ट्रक्चरल डिफेक्ट्स (निर्माण कमियों) को बिना किसी शुल्क के ठीक करना होगा। ईमेल-ओनली डॉक्यूमेंटेशन, रेरा शिकायत प्रक्रिया।

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आपके बिल्डर को पजेशन (कब्जा) मिलने के बाद 5 साल तक किसी भी स्ट्रक्चरल डिफेक्ट (निर्माण की कमी) को बिना किसी शुल्क के ठीक करना होगा। अधिकांश खरीदार कभी भी इस अधिकार का दावा नहीं करते हैं — या तो इसलिए क्योंकि वे नहीं जानते कि रेरा (RERA) की धारा 14(3) जैसी कोई चीज मौजूद है, या फिर बिल्डर उन्हें यह विश्वास दिला देता है कि वारंटी की अवधि “समाप्त” हो चुकी है। ऐसा बिल्कुल नहीं है। यहाँ जानिए कि वास्तविक कानून क्या है, इसमें क्या-क्या कवर होता है और इसे कैसे लागू करवाया जाए।

धारा 14(3) वास्तव में क्या कहती है

रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 की धारा 14(3) में कहा गया है:

यदि आवंटनकर्ता (allottee) द्वारा पजेशन सौंपने की तारीख से पांच वर्ष की अवधि के भीतर बिक्री समझौते (agreement for sale) के अनुसार कारीगरी, गुणवत्ता या सेवाओं के प्रावधान या प्रमोटर (बिल्डर) के किसी अन्य दायित्व में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट या कोई अन्य कमी बिल्डर के ध्यान में लाई जाती है, तो यह बिल्डर का कर्तव्य होगा कि वह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के, तीस दिनों के भीतर ऐसी कमियों को ठीक करे।

इस धारा से तीन ऐसी बातें जो बदली नहीं जा सकतीं:

  1. पजेशन की तारीख से 5 साल — न कि एग्रीमेंट की तारीख, बुकिंग की तारीख या OC की तारीख से।
  2. ठीक करने के लिए 30 दिन — समय की गिनती तब से शुरू होती है जब बिल्डर को आपकी लिखित शिकायत मिलती है।
  3. खरीदार के लिए जीरो कॉस्ट — सामग्री (मटीरियल) और लेबर सहित मरम्मत का सारा खर्च बिल्डर उठाएगा।

यदि आपने 15 जून 2023 को पजेशन लिया है, तो आपकी वारंटी 14 June 2028 तक वैध है। बिल्डर की कोई भी पॉलिसी या “सोसाइटी का नियम” इसे खारिज नहीं कर सकता।

क्या कवर होता है बनाम क्या नहीं

डिफेक्ट लायबिलिटी के तहत कवर्डकवर्ड नहीं है
दीवारों, बीम और कॉलम में स्ट्रक्चरल दरारेंसामान्य टूट-फूट (पेंट का फीका पड़ना, मामूली खरोंच)
पानी का रिसाव और सीपेज (Water seepage & leakage)खरीदार द्वारा खुद कराए गए रेनोवेशन/बदलावों से नुकसान
फाउंडेशन (नींव) के धंसने की समस्याकॉस्मेटिक प्राथमिकताएं (पेंट का शेड, टाइल का रंग)
प्लंबिंग की विफलता और पाइप लीकप्राकृतिक आपदाओं (भूकंप, बाढ़) से हुआ नुकसान
इलेक्ट्रिकल वायरिंग में खराबीवे उपकरण (appliances) जो बिल्डर द्वारा नहीं दिए गए थे
वॉटरप्रूफिंग फेल होना (छत, बाथरूम)शिफ्टिंग के दौरान फर्नीचर या फिक्सचर को हुआ नुकसान
टाइल्स का उखड़ना और खोखली टाइल्सखरीदार की लापरवाही से हुई समस्याएं (जैसे ड्रेन ब्लॉक होना)
ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम में खराबीरेजिडेंशियल यूनिट का कमर्शियल इस्तेमाल करने से आई खराबी
खिड़की/दरवाजे के फ्रेम में डिफेक्ट्सनिर्माण के बाद बिल्डिंग बाय-लॉज (नियमों) में बदलाव
कंस्ट्रक्शन मटीरियल की घटिया क्वालिटीलैंडस्केपिंग और गार्डन का मेंटेनेंस

मुख्य अंतर यह है: यदि खराबी निर्माण के दौरान बिल्डर द्वारा किए गए (या न किए गए) काम की वजह से है, तो यह कवर्ड है। यदि यह पजेशन के बाद आपके द्वारा किए गए किसी काम के कारण हुई है, तो यह कवर्ड नहीं है।

30 दिनों की मरम्मत की समयसीमा (Timeline)

दिनक्या होना चाहिए
दिन 0आप तस्वीरों के साथ ईमेल के जरिए लिखित शिकायत भेजते हैं
दिन 1-3बिल्डर को शिकायत मिलने की पुष्टि (acknowledgment) करनी चाहिए
दिन 7-10बिल्डर को निरीक्षण (inspection) के लिए टीम भेजनी चाहिए
दिन 15-20मरम्मत का काम शुरू हो जाना चाहिए
दिन 30मरम्मत का काम पूरा हो जाना चाहिए
दिन 31+यदि ठीक नहीं हुआ — तो आप मामले को रेरा (RERA) तक ले जाते हैं

यह 30 दिनों की अवधि एक कानूनी समयसीमा है, कोई सुझाव नहीं। जो बिल्डर यह कहते हैं कि “हम इसे देख रहे हैं” या “हमारी टीम व्यस्त है”, वे केवल समय काटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आप हार मान लें।

दस्तावेज (Documentation) जो आपको केस जिताते हैं

ईमेल ही एकमात्र ऐसा संचार माध्यम है जो कानूनी रूप से स्वीकार्य, टाइम-स्टैम्प्ड ऑडिट ट्रेल बनाता है। व्हाट्सएप के स्क्रीनशॉट कमजोर सबूत होते हैं — संदेश डिलीट किए जा सकते हैं और उनकी प्रामाणिकता साबित करना कठिन होता है।

आपके ईमेल टेम्पलेट में यह जरूर होना चाहिए:

  • फ्लैट नंबर, प्रोजेक्ट का नाम और बिल्डर की कंपनी का नाम (एग्रीमेंट के अनुसार)
  • पजेशन की तारीख (पजेशन लेटर के अनुसार)
  • जगह के साथ डिफेक्ट का सटीक विवरण
  • साथ में लगी तस्वीरें (प्रति डिफेक्ट कम से कम 3 अलग-अलग एंगल से)
  • “रेरा एक्ट 2016 की धारा 14(3)” का स्पष्ट संदर्भ
  • “कानून के तहत निर्धारित 30 दिनों के भीतर” मरम्मत का अनुरोध
  • यह स्पष्ट कथन कि समाधान न होने पर आप रेरा में जाएंगे

किसे भेजें: सेल एग्रीमेंट में दी गई बिल्डर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर। सीसी (CC) में अपना पर्सनल ईमेल रखें। बीसीसी (BCC) में परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य को रखें ताकि एक स्वतंत्र बैकअप रहे।

सुरक्षित रखने योग्य महत्वपूर्ण दस्तावेज: पजेशन लेटर, सेल एग्रीमेंट, बिल्डर के सभी ईमेल, EXIF डेटा (टाइमस्टैम्प) वाली तस्वीरें और कोई भी प्रोफेशनल इंस्पेक्शन रिपोर्ट।

भारतीय निर्माण (Indian Construction) में सबसे आम डिफेक्ट्स

डिफेक्ट का प्रकारकितनी बार होता है (Frequency)अनुमानित मरम्मत लागत (यदि खुद कराएं)वारंटी क्लेम की सफलता दर
पानी का रिसाव/सीपेज (दीवारें, छत)बहुत ज्यादा15,000 - 50,000 रुपयेज्यादा — स्पष्ट रूप से बिल्डर की जिम्मेदारी
दीवार में दरारें (स्ट्रक्चरल)ज्यादा10,000 - 1,00,000+ रुपयेज्यादा — अगर स्ट्रक्चरल हैं, बारीक दरारें नहीं
टाइल्स का उखड़ना/खोखली टाइल्सज्यादा5,000 - 30,000 रुपये प्रति कमरामध्यम — बिल्डर कह सकता है कि यह ‘सेटलमेंट’ है
प्लंबिंग लीकज्यादा5,000 - 25,000 रुपयेज्यादा — खराब कारीगरी का स्पष्ट मामला
ड्रेनेज/सीवरेज की समस्यामध्यम20,000 - 75,000 रुपयेज्यादा — विशेष रूप से कॉमन एरिया में
इलेक्ट्रिकल फॉल्टमध्यम5,000 - 40,000 रुपयेमध्यम — वायरिंग बनाम उपकरण पर निर्भर
वॉटरप्रूफिंग फेल होना (छत/टेरेस)मध्यम30,000 - 1,50,000 रुपयेज्यादा — बिल्डर द्वारा की गई वॉटरप्रूफिंग
खिड़की/दरवाजे के फ्रेम में गैपमध्यम3,000 - 15,000 रुपये प्रति यूनिटज्यादा — इंस्टॉलेशन की कमी

पजेशन के बाद पानी का रिसाव (सीपेज) सबसे आम समस्या है। यदि आपको पहली मानसून में ही गीले पैच दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्यूमेंट करें — इसके “सूखने” का इंतजार न करें।

स्टेप-बाय-स्टेप: डिफेक्ट क्लेम कैसे फाइल करें

स्टेप 1: डिफेक्ट को डॉक्यूमेंट करें दिखने वाले टाइमस्टैम्प के साथ तस्वीरें लें। एक वीडियो वॉकथ्रू रिकॉर्ड करें। सटीक स्थान (कमरा, दीवार, फ्लोर) नोट करें। यदि खराबी गंभीर है, तो एक प्रोफेशनल होम इंस्पेक्शन करवाएं (मेट्रो शहर में 2BHK के लिए 5,000 से 8,000 रुपये)।

स्टेप 2: ईमेल के जरिए लिखित शिकायत भेजें अपने सेल एग्रीमेंट से बिल्डर की आधिकारिक ईमेल आईडी का उपयोग करें। धारा 14(3) का स्पष्ट उल्लेख करें। सभी तस्वीरें अटैच करें। 30 दिनों की मरम्मत की समयसीमा का जिक्र करें।

स्टेप 3: 7वें और 15वें दिन फॉलो-अप लें यदि कोई जवाब न मिले तो फॉलो-अप ईमेल भेजें। प्रत्येक ईमेल एक और डेट-स्टैम्प्ड रिकॉर्ड तैयार करता है।

स्टेप 4: 25वें दिन अंतिम नोटिस भेजें स्पष्ट रूप से कहें कि यदि 30वें दिन तक मरम्मत पूरी नहीं होती है, तो आप रेरा में शिकायत दर्ज करेंगे और/या खुद मरम्मत करवाकर पुनर्भुगतान की मांग करेंगे।

स्टेप 5: 31वें दिन रेरा शिकायत दर्ज करें यदि बिल्डर ने मरम्मत पूरी नहीं की है, तो अपने राज्य के रेरा पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। राज्य के अनुसार फाइलिंग फीस 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक होती है। अपनी पूरी ईमेल बातचीत (email trail) को साथ में अटैच करें।

यह समझने के लिए कि आपकी स्थिति के लिए कौन सा फोरम सबसे अच्छा परिणाम देगा, पढ़ें RERA vs Consumer Court vs NCLT — अपनी स्थिति के लिए सही फोरम कैसे चुनें

जब बिल्डर मना कर दे — आपकी शिकायत की सीढ़ी (Escalation Ladder)

लेवलएक्शनसामान्य समयसीमालागत
1बिल्डर को ईमेल पर शिकायत30 दिनमुफ्त
2खुद मरम्मत करवाएं, बिल्डर को रीइंबर्समेंट डिमांड भेजें15-30 दिनमरम्मत की लागत (वसूली योग्य)
3रेरा (RERA) शिकायत दर्ज करेंसुनवाई के लिए 60-90 दिन1,000 - 5,000 रुपये फाइलिंग फीस
4रेरा अपीलेट ट्रिब्यूनल (यदि रेरा आदेश संतोषजनक न हो)3-6 महीने5,000 - 10,000 रुपये
5कंज्यूमर कोर्ट (रेरा का विकल्प)6-18 महीने500 - 5,000 रुपये
6हाई कोर्ट (केवल संवैधानिक मामलों के लिए)12-24 महीनेवकील की फीस 50,000+ रुपये

हर बार लेवल 1 से शुरुआत करें। अधिकांश बिल्डर्स तब जवाब देते हैं जब वे सटीक रेरा धारा का हवाला देते हुए एक अच्छी तरह से प्रलेखित (well-documented) ईमेल देखते हैं। जो लोग जवाब नहीं देते हैं, वे आमतौर पर वही होते हैं जिनके खिलाफ पहले से ही रेरा शिकायतें चल रही हैं

आगे बढ़ने से पहले, यह सत्यापित कर लें कि आपका प्रोजेक्ट वास्तव में रेरा-रजिस्टर्ड है या नहीं — गैर-पंजीकृत (unregistered) प्रोजेक्ट्स के मामले में दावे और भी मजबूत होते हैं क्योंकि बिल्डर ने पहले ही कानून का उल्लंघन किया होता है।

रेरा के आदेशों से वास्तविक मुआवजे की राशियां

मामला / केसराज्य रेराडिफेक्ट का प्रकारदिया गया मुआवजा
पूमलाई हाउसिंग (2024)तमिलनाडु रेराकई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट्स2,00,000 रुपये (मानसिक प्रताड़ना) + मरम्मत की लागत
कई महारेरा मामलेमहारेरासीपेज, दरारें50,000 - 3,00,000 रुपये
रहने लायक न होने के गंभीर मामलेविभिन्नफाउंडेशन, वॉटरप्रूफिंग5,00,000 रुपये तक + मरम्मत की पूरी लागत
रेरा आदेश का पालन न करनाविभिन्नबिल्डर ने मरम्मत के निर्देश को नजरअंदाज कियाप्रोजेक्ट लागत का 5% तक अतिरिक्त जुर्माना

ये राशियां उस मरम्मत लागत के अतिरिक्त हैं जो बिल्डर को खुद उठानी पड़ती है। यदि आप ऐसे बिल्डर से निपट रहे हैं जिसने पजेशन में भी देरी की है, तो आपके पास कंबाइंड क्लेम (संयुक्त दावे) करने का आधार हो सकता है।

डिफेक्ट्स के अलावा पजेशन के बाद मिलने वाले अन्य अधिकार

सोसाइटी बनने से पहले मेंटेनेंस चार्ज

होमबायर्स की सोसाइटी या आरडब्ल्यूए (RWA) का औपचारिक रूप से गठन होने से पहले, बिल्डर आपसे वास्तविक खर्चों से अधिक मेंटेनेंस फीस नहीं ले सकता। अगर आपका बिल्डर 4-5 रुपये प्रति वर्ग फुट चार्ज कर रहा है लेकिन वास्तविक मेंटेनेंस खर्च 2 रुपये प्रति वर्ग फुट है, तो अतिरिक्त राशि को चुनौती दी जा सकती है।

कॉमन एरिया का हैंडओवर

बिल्डर को एग्रीमेंट में निर्दिष्ट समयसीमा के भीतर कॉमन एरिया (क्लबहाउस, जिम, स्विमिंग पूल, पार्किंग) सोसाइटी को सौंपना होगा। कॉमन एरिया के हैंडओवर में देरी एक अलग रेरा-ऐक्शनेबल शिकायत है।

आनुपातिक कार्पेट एरिया (Proportionate Carpet Area)

यदि दिया गया वास्तविक कार्पेट एरिया एग्रीमेंट में किए गए वादे से कम है, तो आप ब्याज सहित आनुपातिक राशि के रिफंड के हकदार हैं। यह क्लेम डिफेक्ट की शिकायतों के साथ भी दायर किया जा सकता है।


मुख्य बात: कानून आपको 5 साल का समय और मरम्मत के लिए 30 दिनों की समयसीमा देता है। बिल्डर की रणनीति आपको यह विश्वास दिलाने की होती है कि ये अधिकार मौजूद ही नहीं हैं। हर वह खराबी जिसकी आप रिपोर्ट नहीं करते हैं, वह आपका अपना नुकसान है। आज ही वह ईमेल भेजें।

FAQ 10

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सत्यापित डेटा और प्रकाशित स्रोतों पर आधारित जवाब।

1

रेरा की धारा 14(3) (RERA Section 14(3)) के तहत 5 साल की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में वास्तव में क्या-क्या कवर होता है?

रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 की धारा 14(3) के अनुसार, पजेशन सौंपने की तारीख से 5 साल तक बिल्डर किसी भी स्ट्रक्चरल डिफेक्ट (ढांचागत खराबी) या कारीगरी, गुणवत्ता या सेवाओं में कमी के लिए उत्तरदायी है। इसमें दीवारों की दरारें, पानी का रिसाव (सीपेज), फाउंडेशन का धंसना, प्लंबिंग की विफलता, इलेक्ट्रिकल फॉल्ट और वॉटरप्रूफिंग फेल होना शामिल है। इसमें सामान्य टूट-फूट (wear and tear), खरीदार द्वारा खुद किए गए बदलावों से हुआ नुकसान या पेंट के शेड में मामूली अंतर जैसी कॉस्मेटिक चीजें शामिल नहीं हैं। बिल्डर को लिखित शिकायत मिलने के 30 दिनों के भीतर खरीदार से बिना कोई पैसा लिए (zero cost) इस कमी को ठीक करना होगा।

2

क्या 5 साल की यह वारंटी एग्रीमेंट की तारीख से शुरू होती है या पजेशन की तारीख से?

5 साल की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड पजेशन (कब्जे) की तारीख से शुरू होती है — न कि एग्रीमेंट, बुकिंग या रजिस्ट्रेशन की तारीख से। धारा 14(3) में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है। अगर आपने 1 जनवरी 2024 को पजेशन लिया है, तो आपकी वारंटी 31 दिसंबर 2028 तक चलेगी। पजेशन की तारीख वही मानी जाएगी जो बिल्डर द्वारा जारी पजेशन लेटर या हैंडओवर सर्टिफिकेट में दर्ज है। यदि बिल्डर द्वारा पजेशन की पेशकश किए जाने के बावजूद आपने कब्जा लेने में देरी की है, तो कुछ रेरा अथॉरिटीज उस तारीख से गिनती कर सकती हैं जब पजेशन ऑफर किया गया था, न कि तब से जब आप शिफ्ट हुए। अपने पजेशन लेटर को सुरक्षित रखें — यह भविष्य के किसी भी क्लेम के लिए सबसे मुख्य दस्तावेज है।

3

अगर बिल्डर 30 दिनों के भीतर मेरी डिफेक्ट की शिकायत का जवाब नहीं देता है तो मुझे क्या करना चाहिए?

यदि बिना किसी मरम्मत या जवाब के 30 दिन बीत जाते हैं, तो आपके पास दो विकल्प हैं। पहला, आप खुद किसी तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी कॉन्ट्रैक्टर) से उस खराबी को ठीक करवा लें, सभी इनवॉइस और रसीदें सुरक्षित रखें, और रेरा के माध्यम से बिल्डर से पुनर्भुगतान (reimbursement) का दावा करें। दूसरा, मरम्मत के निर्देश और मानसिक प्रताड़ना के मुआवजे के लिए राज्य की रेरा अथॉरिटी में औपचारिक शिकायत दर्ज करें। राज्य के अनुसार रेरा शिकायत दर्ज करने की फीस आमतौर पर 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक होती है। तमिलनाडु रेरा ने ऐसे ही मामलों में बिल्डर की लापरवाही के लिए 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया है। शिकायत दर्ज करने से पहले हमेशा ईमेल के जरिए एक अंतिम नोटिस भेजें, जिसमें अपनी मूल शिकायत की तारीख और 30 दिनों की समयसीमा का हवाला दें।

4

क्या स्ट्रक्चरल डिफेक्ट्स के लिए रेरा की शिकायतों में व्हाट्सएप (WhatsApp) के सबूत स्वीकार किए जाते हैं?

व्हाट्सएप के स्क्रीनशॉट स्वीकार तो किए जाते हैं, लेकिन ईमेल की तुलना में इन्हें कमजोर सबूत माना जाता है। ईमेल एक टाइम-स्टैम्प और सर्वर-लॉग ऑडिट ट्रेल बनाते हैं जिसे झुठलाना मुश्किल होता है। व्हाट्सएप संदेश भेजने वाले द्वारा डिलीट किए जा सकते हैं, और स्क्रीनशॉट की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं। अगर आपने केवल व्हाट्सएप पर बात की है, तो तुरंत स्क्रीनशॉट लें और साथ ही बिल्डर को एक फॉलो-अप ईमेल भेजें जिसमें मूल संदेश की तारीख और समय के साथ व्हाट्सएप बातचीत का पूरा सारांश हो। सबसे सही तरीका यह है कि हमेशा एग्रीमेंट में दर्ज बिल्डर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर तस्वीरों के साथ शिकायत भेजें। इसकी एक कॉपी अपने पर्सनल ईमेल पर भी रखें ताकि आपके पास एक स्वतंत्र बैकअप रहे।

5

अगर मैं पहले से ही मेंटेनेंस चार्ज दे रहा हूं, तो क्या मैं रेरा की 5 साल की वारंटी के तहत क्लेम कर सकता हूं?

हाँ, बिल्कुल। मेंटेनेंस चार्ज और डिफेक्ट लायबिलिटी वारंटी दोनों पूरी तरह से अलग चीजें हैं। मेंटेनेंस चार्ज लिफ्ट, गार्डन और सुरक्षा जैसी कॉमन एरिया की रोजमर्रा की देखभाल के लिए होते हैं। जबकि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड बिल्डर की खराब कारीगरी या घटिया सामग्री के कारण होने वाले कंस्ट्रक्शन डिफेक्ट्स को कवर करता है। भले ही आप मेंटेनेंस के रूप में हर महीने 3 से 5 रुपये प्रति वर्ग फुट दे रहे हों, फिर भी बिल्डर स्ट्रक्चरल डिफेक्ट्स के लिए जिम्मेदार रहेगा। वास्तव में, सोसाइटी या आरडब्ल्यूए (RWA) के औपचारिक गठन से पहले, बिल्डर वास्तविक खर्चों से अधिक मेंटेनेंस चार्ज नहीं वसूल सकता। अगर बिल्डर मेंटेनेंस के भुगतान को डिफेक्ट्स की मरम्मत से जोड़ने की कोशिश करता है, तो यह एक अलग रेरा उल्लंघन है जिसकी आप रिपोर्ट कर सकते हैं।

6

स्ट्रक्चरल डिफेक्ट्स के लिए रेरा द्वारा आमतौर पर कितनी मुआवजे की राशि दी जाती है?

मुआवजे की राशि राज्य और खराबी की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग होती है। तमिलनाडु रेरा ने पूमलाई हाउसिंग केस (2024) में मानसिक प्रताड़ना के लिए 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया था। महारेरा (MahaRERA) ने तय समय में कमियों को ठीक न करने पर बिल्डर्स को 50,000 रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक का भुगतान करने का निर्देश दिया है। फाउंडेशन के डिफेक्ट्स या पानी के भारी रिसाव (जिससे घर रहने लायक न बचे) से जुड़े गंभीर मामलों में मुआवजा 5 लाख रुपये तक गया है, और मरम्मत का पूरा खर्च अलग से बिल्डर को उठाना पड़ा है। रेरा अपने आदेशों का पालन न करने पर बिल्डर पर प्रोजेक्ट की लागत का 5% तक का जुर्माना भी लगा सकता है। मुआवजे की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि आपने खराबी को कितनी अच्छी तरह से डॉक्यूमेंट किया है, मरम्मत की लागत कितनी है, और बिल्डर ने कितने समय तक कोई जवाब नहीं दिया।

7

अगर मेरे बिल्डर को पहले ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिल चुका है, तो क्या मैं डिफेक्ट्स के लिए रेरा में शिकायत दर्ज कर सकता हूं?

हाँ। ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) केवल यह पुष्टि करता है कि इमारत स्थानीय प्राधिकरण द्वारा निर्धारित न्यूनतम निर्माण मानकों को पूरा करती है। यह बिल्डर को रेरा के तहत डिफेक्ट लायबिलिटी से मुक्त नहीं करता है। ये दोनों अलग-अलग कानूनी ढांचे हैं। OC नगर निगम (municipal corporation) द्वारा जारी किया जाता है, जबकि डिफेक्ट लायबिलिटी रेरा की धारा 14(3) द्वारा संचालित होती है। OC मिलने के बाद भी, अगर तीसरे साल में सीपेज होता है या चौथे साल में दीवार में दरारें आती हैं, तो बिल्डर को उन्हें बिना किसी शुल्क के ठीक करना होगा। कुछ बिल्डर्स तर्क देते हैं कि OC मिलने का मतलब है कि निर्माण प्रमाणित है — इस तर्क को महारेरा और कर्नाटक रेरा सहित कई रेरा अथॉरिटीज ने खारिज कर दिया है।

8

अगर मैंने रीसेल (Resale) फ्लैट खरीदा है — तो क्या रेरा की 5 साल की वारंटी तब भी लागू होगी?

5 साल की वारंटी फ्लैट पर लागू होती है, मालिक पर नहीं। यदि मूल खरीदार ने 1 मार्च 2023 को पजेशन लिया था, तो वारंटी 28 फरवरी 2028 तक चलेगी, चाहे वह फ्लैट कितनी भी बार बिक चुका हो। रीसेल खरीदार के रूप में, आप वारंटी अवधि के भीतर सामने आने वाले स्ट्रक्चरल डिफेक्ट्स के लिए रेरा में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। हालांकि, आपको यह साबित करना होगा कि खराबी स्ट्रक्चरल है और पिछले मालिक द्वारा किए गए बदलावों के कारण नहीं हुई है। रीसेल फ्लैट खरीदने से पहले किसी प्रोफेशनल से होम इंस्पेक्शन जरूर करवाएं। पहले खरीदार का मूल पजेशन लेटर और बिल्डर एग्रीमेंट बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं — रीसेल की खरीदारी पूरी करने से पहले इनकी कॉपियां जरूर मांग लें।

9

क्या मुझे एक प्रोफेशनल होम इंस्पेक्शन करवाना चाहिए और इसमें कितना खर्च आता है?

हाँ, विशेष रूप से पजेशन लेने से ठीक पहले और 5 साल की वारंटी समाप्त होने से पहले। भारत में एक प्रोफेशनल होम इंस्पेक्शन की लागत फ्लैट के आकार और शहर के आधार पर 3,000 रुपये से 15,000 रुपये तक होती है। किसी मेट्रो शहर में 2BHK के लिए 5,000 से 8,000 रुपये के बीच खर्च की उम्मीद कर सकते हैं। इंस्पेक्टर स्ट्रक्चरल मजबूती, प्लंबिंग प्रेशर, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, वॉटरप्रूफिंग, टाइल्स का खोखलापन और दीवारों के एलाइनमेंट की जांच करते हैं। तस्वीरों के साथ मिलने वाली इंस्पेक्शन रिपोर्ट रेरा शिकायत में एक मजबूत सबूत का काम करती है। पजेशन के लगभग 54वें महीने (साढ़े चार साल) में इंस्पेक्शन शेड्यूल करें — इससे आपको 5 साल की समयसीमा खत्म होने से पहले शिकायत दर्ज करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा। होमइन्स्पेक्टर (HomeInspeKtor), क्वाडिगी (Quadigy) और स्क्वायर यार्ड्स (Square Yards) जैसी कंपनियां यह सेवा देती हैं।

10

क्या मैं एक ही स्ट्रक्चरल डिफेक्ट के लिए रेरा शिकायत और कंज्यूमर कोर्ट केस दोनों दर्ज कर सकता हूं?

आप दोनों में से किसी भी एक फोरम में जा सकते हैं, लेकिन एक ही राहत (relief) के लिए दोनों जगह एक साथ केस नहीं चला सकते। अगर आप मरम्मत और मुआवजे के लिए रेरा में जाते हैं, तो आप कंज्यूमर कोर्ट में वही क्लेम नहीं कर सकते। हालांकि, अगर रेरा से पर्याप्त राहत नहीं मिलती है, तो आप रेरा अपीलेट ट्रिब्यूनल (RERA Appellate Tribunal) और फिर हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 (Consumer Protection Act 2019) के तहत कंज्यूमर कोर्ट अधिक मुआवजा दे सकते हैं — जिला फोरम 50 लाख रुपये तक के दावों की सुनवाई करते हैं, राज्य आयोग 2 करोड़ रुपये तक और राष्ट्रीय आयोग 2 करोड़ रुपये से ऊपर के मामलों को देखता है। अपने क्लेम की राशि और अपने राज्य में मामलों के निपटारे की रफ्तार के आधार पर सही फोरम का चुनाव करें।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ़ शैक्षिक उद्देश्य के लिए है — कोई वित्तीय सलाह नहीं। आर्टिकल में लिखी तारीख़ तक के प्रकाशित डेटा पर आधारित दरें, रिटर्न और टैक्स नियम बदल सकते हैं। कोई भी निवेश का फ़ैसला लेने से पहले एक प्रमाणित फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लीजिए।

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