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2026 में RERA रजिस्ट्रेशन की जांच कैसे करें — फर्जी बिल्डर, जाली सर्टिफिकेट और रेड फ्लैग्स

महाराष्ट्र में 65 बिल्डरों ने फर्जी RERA सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया। RERA दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन नहीं करता। असली बनाम नकली रजिस्ट्रेशन और 9 रेड फ्लैग्स की जांच कैसे करें।

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65 बिल्डर्स फर्जी RERA सर्टिफिकेट के साथ काम कर रहे थे — किसी को भनक तक नहीं लगी

साल 2021 में, आर्किटेक्ट संदीप पाटिल ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया कि कल्याण-डोंबिवली (महाराष्ट्र) में 65 बिल्डर्स फर्जी RERA रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के सहारे धड़ल्ले से प्रोजेक्ट्स बेच रहे थे। उन्होंने जाली कमेंसमेंट सर्टिफिकेट (CC) बनाए, नगर निगम की नकली मंजूरियां वेबसाइट पर अपलोड कीं और सिस्टम से वैध दिखने वाले RERA नंबर्स हासिल कर लिए। आम खरीदारों ने यह मानकर कि वे RERA द्वारा सुरक्षित हैं, प्रति फ्लैट 20 से 80 लाख रुपये तक का भुगतान कर दिया।

RERA ने उन्हें नहीं पकड़ा। नगर निगम के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। उन्हें तब पकड़ा गया जब एक आम नागरिक ने नगर निगम कार्यालय जाकर दस्तावेजों का क्रॉस-वेरिफिकेशन (भौतिक मिलान) किया।

यही इस व्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी है: RERA रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से सेल्फ-डिक्लेरेशन (स्व-घोषणा) पर आधारित है। बिल्डर जो कुछ भी पोर्टल पर अपलोड करता है, अथॉरिटी उसे स्वीकार कर लेती है। दस्तावेजों की असल जांच केवल तब होती है जब कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है। तब तक, एक जाली सर्टिफिकेट भी दिखने में बिल्कुल असली जैसा ही लगता है।

यदि आप भी कोई फ्लैट बुक करने जा रहे हैं, तो एक भी रुपया ट्रांसफर करने से पहले इस गाइड को पूरा पढ़ें। और अगर बुकिंग के बाद चीजें खराब हो जाएं तो क्या करना चाहिए, इसके लिए हमारा ब्लॉग RERA की हकीकत — शिकायतों ने क्या सच उजागर किया पढ़ें।


RERA रजिस्ट्रेशन का असली मतलब क्या है (और क्या नहीं है)

RERA रजिस्ट्रेशन का मतलब केवल यह है कि बिल्डर ने कागजात — जैसे जमीन का मालिकाना हक, निगम की मंजूरियां, प्रोजेक्ट का नक्शा और प्रमोटर का विवरण — सिस्टम में सबमिट कर दिए हैं और अथॉरिटी ने आवेदन को प्रोसेस कर दिया है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर या विभागों में जाकर उन कागजातों के असली होने की पुष्टि की है।

इसे आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करने जैसा समझें। विभाग आपके सबमिट करते ही रिटर्न स्वीकार कर लेता है। उसकी गहन जांच (Scrutiny) बाद में होती है, वह भी केवल कुछ चुनिंदा मामलों में।

RERA रजिस्ट्रेशन से आपको क्या मिलता है:

  • बिल्डर द्वारा डिफॉल्ट करने पर शिकायत करने के लिए एक कानूनी मंच (Forum)
  • एक अनिवार्य एस्क्रो अकाउंट (खरीदार के पैसे का 70% हिस्सा इसी में जमा होता है)
  • प्रोजेक्ट पूरा करने की एक निश्चित समयसीमा और देरी होने पर पेनाल्टी का प्रावधान
  • स्वीकृत नक्शों, प्रमोटर के विवरण और प्रोजेक्ट के स्टेटस की पारदर्शिता

RERA रजिस्ट्रेशन से आपको क्या नहीं मिलता:

  • इस बात का पक्का सबूत कि जमीन का टाइटल (मालिकाना हक) एकदम साफ और विवाद-मुक्त है
  • इस बात की पुष्टि कि नगर निगम से मिली मंजूरियां 100% असली हैं
  • बिल्डर की वित्तीय स्थिति या लोन चुकाने की क्षमता का कोई आकलन
  • निर्माण कार्य की क्वालिटी (Construction Quality) की कोई गारंटी

प्रोजेक्ट में देरी होने या निर्माण में खराबी होने पर RERA के नियमों के तहत आपको क्या मुआवजा मिल सकता है, इसके लिए RERA डिलेड पजेशन मुआवजा गाइड और RERA 5-वर्षीय स्ट्रक्चरल डिफेक्ट वारंटी गाइड देखें।


RERA किसकी जांच करता है और किसकी नहीं?

पैरामीटर / दस्तावेजक्या RERA भौतिक सत्यापन करता है?आपको किसके पास जाकर जांच करनी चाहिए?
बिल्डर की पहचान (PAN, कंपनी रजिस्ट्रेशन)हाँ — बेसिक KYC जांचरजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (MCA पोर्टल)
लैंड टाइटल / मालिकाना हक की चेननहीं — केवल स्व-घोषणा स्वीकार करता हैस्वतंत्र प्रॉपर्टी वकील (Property Lawyer)
भारमुक्ति प्रमाण पत्र (Encumbrance Certificate)नहींउप-पंजीयक कार्यालय (Sub-registrar office)
नगर निगम की बिल्डिंग परमिशननहीं — सिर्फ अपलोड की गई कॉपी मानता हैसीधे संबंधित नगर निगम कार्यालय से
कमेंसमेंट सर्टिफिकेट (CC)नहीं — सिर्फ अपलोड की गई कॉपी मानता हैसीधे संबंधित नगर निगम कार्यालय से
पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance)नहींराज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA)
बिल्डर का पुराना डिलीवरी ट्रैक रिकॉर्डनहींगूगल सर्च, RERA शिकायत इतिहास, पुरानी साइट्स का दौरा
निर्माण की गुणवत्ता (Construction Quality)नहींस्वतंत्र स्ट्रक्चरल इंजीनियर
प्रोजेक्ट की वित्तीय स्थिति (Financial Viability)नहींबिल्डर के ऑडिटेड फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स
एस्क्रो अकाउंट का होनाहाँ — खाते का विवरण रिकॉर्ड पर लिया जाता हैसंबंधित बैंक से एस्क्रो होने की पुष्टि

पैटर्न बिल्कुल साफ है: RERA सिर्फ कागजी औपचारिकताएं देखता है, जमीनी हकीकत नहीं। मालिकाना हक, मंजूरियां और बिल्डर की विश्वसनीयता की हर महत्वपूर्ण जांच करने की पूरी जिम्मेदारी केवल आपकी है।


स्टेप-बाय-स्टेप: राज्य के पोर्टल्स पर RERA रजिस्ट्रेशन की जांच कैसे करें

स्टेप 1: अपने राज्य का आधिकारिक RERA पोर्टल पहचानें (नीचे दी गई टेबल देखें)।

Step 2: बिल्डर द्वारा दिए गए RERA रजिस्ट्रेशन नंबर से सर्च करें। यदि बिल्डर ने नंबर नहीं दिया है, तो प्रोजेक्ट के नाम या प्रमोटर/कंपनी के नाम से खोजें।

स्टेप 3: पोर्टल पर रिजल्ट आने के बाद इन 6 मुख्य जानकारियों को बारीकी से मिलाएं:

  1. प्रोजेक्ट का नाम — यह बिल्कुल वही होना चाहिए जो बिल्डर अपने विज्ञापनों या ब्रोशर में इस्तेमाल कर रहा है।
  2. प्रमोटर/डेवलपर कंपनी का नाम — यह नाम आपके बुकिंग एग्रीमेंट (Alloottment Letter) पर लिखे नाम से हूबहू मैच होना चाहिए।
  3. रजिस्ट्रेशन की वैधता तारीख (Validity Date) — यह तारीख समाप्त (Expire) नहीं होनी चाहिए।
  4. स्वीकृत यूनिट्स और मंजिलों की संख्या — यदि बिल्डर आपको 15वीं मंजिल पर फ्लैट बेच रहा है लेकिन पोर्टल पर केवल 12 मंजिलों की ही मंजूरी दिख रही है, तो ऊपर की 3 मंजिलें पूरी तरह अवैध हैं।
  5. स्वीकृत लेआउट प्लान — पोर्टल से स्वीकृत नक्शे का पीडीएफ डाउनलोड करें और उसकी तुलना बिल्डर के रंग-बिरंगे ब्रोशर से करें।
  6. शिकायत का इतिहास (Complaint History) — देखें कि क्या इस प्रोजेक्ट या इस बिल्डर के अन्य प्रोजेक्ट्स के खिलाफ पहले से ही अन्य खरीदारों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं।

स्टेप 4: पोर्टल पर दिख रहे लैंड सर्वे नंबर (Land Survey Number) का मिलान उप-पंजीयक या नगर निगम कार्यालय के रिकॉर्ड से करें।

स्टेप 5: स्क्रीनशॉट जरूर लें। पोर्टल्स के डेटा में बदलाव हो सकते हैं और अतीत में ऐसे मामले आए हैं जहां बिल्डर्स ने बाद में अपलोड किए गए दस्तावेजों में हेरफेर करने की कोशिश की है।


राज्यों के RERA पोर्टल्स की डायरेक्टरी

राज्यपोर्टल का नामआधिकारिक वेबसाइट लिंक
महाराष्ट्रMahaRERAmaharera.maharashtra.gov.in
उत्तर प्रदेशUP RERAup-rera.in
कर्नाटकK-RERArera.karnataka.gov.in
तमिलनाडुTNRERAtnrera.in
हरियाणाHaryana RERAharyanarera.gov.in
गुजरातGujRERAgujrera.gujarat.gov.in
राजस्थानRajasthan RERArera.rajasthan.gov.in
पश्चिम बंगालHIRA (RERA नहीं)hlogin.wbhira.gov.in
तेलंगानाTelangana RERArera.telangana.gov.in
केरलKerala RERArera.kerala.gov.in

ध्यान दें कि पश्चिम बंगाल RERA के बजाय HIRA के तहत काम करता है। HIRA के तहत खरीदारों को मिलने वाली सुरक्षा काफी कमजोर है — जैसे इसमें 70% रकम एस्क्रो खाते में रखना अनिवार्य नहीं है और बिल्डर पर पेनाल्टी के नियम भी ढीले हैं।


बुकिंग करने से पहले 9 बड़े रेड फ्लैग्स (चेतावनी के संकेत)

1. “RERA रजिस्ट्रेशन अभी प्रोसेस में है” — इसका सीधा मतलब है कि प्रोजेक्ट अभी रजिस्टर्ड नहीं है। RERA की धारा 3 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन के फ्लैट बेचना या बुकिंग लेना पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसे प्रोजेक्ट से तुरंत दूर हो जाएं।

2. 24-48 घंटों के भीतर बुकिंग करने का भारी दबाव — किसी भी वैध और सही प्रोजेक्ट के ऑफर्स रातों-रात खत्म नहीं होते। जल्दबाजी का माहौल बनाना जालसाजों का सबसे पुराना तरीका है।

3. मार्केटिंग मटेरियल पर RERA नंबर का न होना — कानूनन हर विज्ञापन, होर्डिंग या ब्रोशर पर RERA नंबर छापना अनिवार्य है। अगर नंबर गायब है, तो यह कानून का सीधा उल्लंघन है।

4. RERA नंबर का राज्य के पोर्टल पर न दिखना — हो सकता है कि बिल्डर ने कोई फर्जी नंबर बना लिया हो। कल्याण-डोंबिवली के 65 बिल्डरों ने ठीक यही तरीका अपनाया था।

5. पोर्टल का विवरण ब्रोशर से मेल न खाना — अलग कंपनी का नाम, अलग प्रोजेक्ट का नाम या मंजिलों की संख्या में अंतर। इसका मतलब हो सकता है कि बिल्डर अपने किसी दूसरे रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट के नंबर का इस्तेमाल इस नए अवैध प्रोजेक्ट को बेचने के लिए कर रहा है।

6. एक्सपायर हो चुका RERA रजिस्ट्रेशन — हर रजिस्ट्रेशन की एक तय समयसीमा होती है जो प्रोजेक्ट पूरा होने की तारीख से जुड़ी होती है। यदि तारीख निकल चुकी है, तो बिल्डर उस प्रोजेक्ट में कानूनी रूप से नया सेल नहीं कर सकता।

7. एक ही RERA नंबर कई अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर होना — हर प्रोजेक्ट को एक अनूठा (Unique) RERA नंबर मिलता है। यदि आपको दो अलग-अलग लोकेशंस के प्रोजेक्ट्स पर एक ही नंबर दिखे, तो उनमें से एक निश्चित रूप से फर्जी है।

8. बिल्डर द्वारा एस्क्रो अकाउंट की जानकारी देने से मना करना — नियम के मुताबिक खरीदारों के पैसे का 70% हिस्सा एक विशेष एस्क्रो खाते में जाना चाहिए। अगर बिल्डर बैंक का नाम और अकाउंट नंबर देने में आनाकानी करे, तो समझ जाएं कि वह खाता वजूद में ही नहीं है।

9. “सीमित स्लॉट्स” के साथ प्री-लॉन्च कीमतें — बिना RERA नंबर के प्री-लॉन्च पूरी तरह अवैध है। कम कीमत सिर्फ एक चारा है। अगर बाद में प्रोजेक्ट रजिस्टर नहीं हुआ, तो आप RERA में शिकायत भी नहीं कर पाएंगे।


छूट के लूपहोल्स — वे प्रोजेक्ट्स जहाँ शून्य (ZERO) RERA सुरक्षा मिलती है

हर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए RERA रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी नहीं होता। कानून में कुछ बड़ी छूटें दी गई हैं जिनका बिल्डर्स गलत फायदा उठाते हैं:

छूट की श्रेणीमिलने वाली RERA सुरक्षाखरीदार के लिए जोखिम
जमीन का क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर से कम होनाबिल्कुल शून्यकोई एस्क्रो नियम नहीं, कोई तय समयसीमा नहीं, कोई शिकायत मंच नहीं।
अपार्टमेंट्स की कुल संख्या 8 से कम होनाबिल्कुल शून्यऊपर जैसा ही समान जोखिम।
बिना किसी सुविधा (Amenities) के वादे वाले प्लॉटेड प्रोजेक्ट्सबिल्कुल शून्यबिल्डर सिर्फ जमीन के टुकड़े बेचकर गायब हो सकता है।
RERA कानून आने से पहले कंपीटीशन सर्टिफिकेट पा चुके प्रोजेक्ट्सबिल्कुल शून्यप्रोजेक्ट पहले ही पूरा हो चुका है — इसका रिस्क प्रोफाइल अलग होता है।
पुरानी इमारतों का रेनोवेशन या मरम्मत कार्यबिल्कुल शून्यआमतौर पर ये कम कीमत वाले छोटे सौदे होते हैं।

बिल्डर्स इस छूट का फायदा कैसे उठाते हैं:

मान लेते हैं कि एक बिल्डर के पास 3 एकड़ जमीन है और वह वहां 120 फ्लैट्स बनाना चाहता है। वह कानूनी सुरक्षा से बचने के लिए कागजों पर उस पूरे प्रोजेक्ट को 6-6 या 7-7 यूनिट्स वाले कई छोटे-छोटे सब-प्लॉट्स में बांट देता है। चूंकि हर सब-पॉट में 8 से कम यूनिट्स हैं, इसलिए उनमें से किसी को भी RERA रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ती।

इसका नतीजा: खरीदार 50-80 लाख रुपये पूरे देता है, लेकिन उसे RERA की कोई सुरक्षा नहीं मिलती। बिल्डर काम में 5 साल की देरी करे तो भी उस पर कोई पेनाल्टी नहीं लगती।

खुद को कैसे बचाएं: बिल्डर से सीधे लिखित में पूछें कि क्या यह सब-पॉट किसी बड़े टाउनशिप या डेवलपमेंट का हिस्सा है? खुद साइट पर जाकर देखें कि वहां वास्तव में कितनी इमारतों का निर्माण चल रहा है।


NRI खरीदारों के साथ होने वाले फ्रॉड का पैटर्न

रियल एस्टेट धोखाधड़ी में सबसे ज्यादा नुकसान प्रवासी भारतीयों (NRIs) को उठाना पड़ता है। इसका एक तय और पुराना पैटर्न है:

स्टेप 1: भारत में रहने वाला कोई रिश्तेदार या NRI दोस्त किसी प्रोजेक्ट की तारीफ करता है — “मैंने खुद वहां निवेश किया है, बहुत बढ़िया रिटर्न मिल रहा है।”

स्टेप 2: NRI खरीदार को वॉट्सऐप पर चमचमाता ब्रोशर, वीडियो कॉल पर साइट का टूर और RERA सर्टिफिकेट की एक पीडीएफ कॉपी भेज दी जाती है। दूरी के कारण कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर जाकर उस नंबर को क्रॉस-चेक नहीं करता।

स्टेप 3: NRE/NRO अकाउंट या परिवार के सदस्यों के जरिए 20 से 50 लाख रुपये की बड़ी रकम सीधे बिल्डर के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

स्टेप 4: कुछ समय बाद निर्माण कार्य रुक जाता है, बिल्डर फोन उठाना बंद कर देता है, या जब NRI 12-18 महीने बाद भारत आता है, तो उसे पता चलता है कि साइट पर वैसा कुछ बना ही नहीं है जैसा वादा किया गया था।

एक NRI के रूप में खुद को कैसे सुरक्षित रखें:

  • किसी भी बिचौलिए या रिश्तेदार के मौखिक आश्वासन पर भरोसा न करें। खुद अपने लैपटॉप से राज्य के RERA पोर्टल पर जाएं — भारत के सभी RERA पोर्टल्स को विदेशों से भी आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।
  • एक स्थानीय स्वतंत्र वकील को नियुक्त करें जो मौके पर जाकर साइट का भौतिक निरीक्षण करे और सब-पंजीयक कार्यालय से 30 साल की टाइटल सर्च रिपोर्ट निकाले। इसके लिए 15,000 से 30,000 रुपये का बजट रखें। 50 लाख या 1 करोड़ के सौदे में यह बहुत सस्ती और बेहतरीन बीमा पॉलिसी है।
  • केवल रजिस्टर्ड एग्रीमेंट्स (Registered Sale Agreement) पर ही लेनदेन करें। बिना रजिस्टर्ड नोटरी वाले कागजातों की कानून की नजर में प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए कोई कीमत नहीं होती।
  • पैसा कभी भी किसी व्यक्ति या बिल्डर के पर्सनल खाते में न डालें। भुगतान हमेशा डेवलपर कंपनी के आधिकारिक खाते या RERA-अनिवार्य एस्क्रो अकाउंट में ही होना चाहिए।

10-पॉइंट वेरिफिकेशन चेकलिस्ट (RERA पोर्टल के आगे की जांच)

RERA पोर्टल पर नंबर चेक करना सिर्फ पहला कदम है। सुरक्षित निवेश के लिए बाकी के 9 कदम भी उतने ही जरूरी हैं:

चेक / जांच का प्रकारकहाँ और कैसे जांचें?अनुमानित लागतलगने वाला समय
1. राज्य के पोर्टल पर RERA रजिस्ट्रेशनआधिकारिक RERA वेबसाइट परमुफ्त10 मिनट
2. लैंड टाइटल सर्च (30 वर्षों का रिकॉर्ड)वकील के जरिए सब-पंजीयक कार्यालय मेंRs 5,000 - 15,0007 से 15 दिन
3. भारमुक्ति प्रमाण पत्र (15-वर्षीय EC)उप-पंजीयक कार्यालय (Sub-registrar)Rs 200 - 5003 से 5 दिन
4. नगर निगम की बिल्डिंग परमिशनसीधे नगर निगम कार्यालय जाकर (या RTI से)मुफ्त7 से 30 दिन
5. कमेंसमेंट सर्टिफिकेट (CC) का वेरिफिकेशनसीधे नगर निगम कार्यालय जाकर (या RTI से)मुफ्त7 से 30 दिन
6. पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance)राज्य की SEIAA वेबसाइट परमुफ्त10 मिनट
7. बिल्डर के पुराने प्रोजेक्ट्स का ट्रैक रिकॉर्डगूगल रिव्यूज, RERA शिकायत सेक्शन, पुरानी साइट्समुफ्त1 से 2 दिन
8. एस्क्रो अकाउंट की पुष्टिजिस बैंक में खाता है, वहां से कंफर्मेशन पत्रमुफ्त (बिल्डर के जरिए)3 से 5 दिन
9. स्वीकृत लेआउट प्लान का ब्रोशर से मिलानपोर्टल से नक्शा डाउनलोड कर ब्रोशर से मिलाएंमुफ्त30 मिनट
10. फिजिकल साइट विजिट और पड़ोसियों से पूछताछखुद साइट पर जाएं और आसपास के लोगों से पूछेंसिर्फ यात्रा खर्च1 दिन

इस पूरी सघन जांच की कुल लागत: मात्र 5,000 से 15,000 रुपये। 50 लाख रुपये की प्रॉपर्टी की खरीद पर यह उसकी कुल कीमत का महज 0.1% से 0.3% है। महज़ 10,000 रुपये बचाने के चक्कर में इस जांच को छोड़ देना ही वह मुख्य कारण है जिससे लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई (50 लाख रुपये) गंवा बैठते हैं।


यदि आपको धोखाधड़ी का पता चले, तो किस फोरम का दरवाजा खटखटाएं?

यदि आपकी जांच में यह सामने आता है कि बिल्डर ने जाली दस्तावेज लगाए हैं, अवैध निर्माण किया है या फर्जी RERA नंबर दिखाया है, तो आपके पास शिकायत के लिए कई कानूनी मंच उपलब्ध हैं। सही मंच का चुनाव आपकी फंसी हुई रकम और फ्रॉड की प्रकृति पर निर्भर करता है। इसका विस्तृत विश्लेषण आप हमारे ब्लॉग RERA बनाम कंज्यूमर कोर्ट बनाम NCLT — आपके लिए कौन सा फोरम सबसे बेहतर है पर पढ़ सकते हैं।

धोखाधड़ी सामने आने पर तुरंत ये कदम उठाएं:

  1. राज्य के RERA पोर्टल पर जाकर तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  2. स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर बिल्डर के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की FIR दर्ज कराएं (BNS की धारा 318 और 336 के तहत)।
  3. जिला कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को लिखित में शिकायत सौंपें।
  4. अपनी रकम को ब्याज सहित वापस पाने के लिए एक अच्छे सिविल/रियल एस्टेट वकील से सलाह लें।

बिल्कुल भी इंतजार न करें। जो बिल्डर्स जाली कागजात बनाने की हिम्मत रखते हैं, वे आमतौर पर एक साथ कई तरह के फ्रॉड्स कर रहे होते हैं। जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज करेंगे, बिल्डर द्वारा अपनी संपत्तियां छुपाने या देश से भागने से पहले आपकी रकम रिकवर होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।


निष्कर्ष की बात

RERA रजिस्ट्रेशन होना किसी प्रोजेक्ट की सुरक्षा की अंतिम गारंटी नहीं है, यह सिर्फ एक न्यूनतम प्रवेश द्वार है। यह आपको केवल यह बताता है कि बिल्डर ने कागजी औपचारिकताएं पूरी करके सिस्टम में सबमिट कर दी हैं। यह आपको यह कभी नहीं बताता कि वे कागजात 100% असली हैं, जमीन पूरी तरह विवाद-मुक्त है या बिल्डर समय पर पजेशन दे ही देगा।

एक ही शहर में 65 जाली सर्टिफिकेट्स का मिलना यह साबित करने के लिए काफी है कि बिना भौतिक सत्यापन के सेल्फ-डिक्लेरेशन की इस व्यवस्था में कितनी बड़ी खामियां हैं। इसके ऊपर, कानून में दी गई छूटों का फायदा उठाकर बिल्डर्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स बेच रहे हैं।

सुरक्षा का केवल एक ही नियम है: अपनी जांच खुद करें। किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में अपनी मेहनत की कमाई लगाने से पहले स्वतंत्र कानूनी और जमीनी जांच के लिए 10,000 से 15,000 रुपये का बजट और 2-3 हफ्ते का समय जरूर निकालें। यह आपके जीवन की सबसे महंगी खरीद के लिए सबसे सस्ती और जरूरी बीमा पॉलिसी साबित होगी।

FAQ 11

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सत्यापित डेटा और प्रकाशित स्रोतों पर आधारित जवाब।

1

क्या RERA रजिस्ट्रेशन होने का मतलब यह है कि प्रोजेक्ट में निवेश करना पूरी तरह सुरक्षित है?

नहीं। RERA रजिस्ट्रेशन का सीधा सा मतलब है कि बिल्डर ने प्रोजेक्ट के विवरण, जमीन के कागजात और नगर निगम की मंजूरियों की कॉपियों के साथ एक सेल्फ-डिक्लेरेशन (स्व-घोषणा) जमा किया है। RERA अथॉरिटी जमीन के मालिकाना हक (land title), नगर निगम की मंजूरियों या बिल्डर की वित्तीय स्थिति की स्वतंत्र रूप से जांच नहीं करती है। साल 2021 में, कल्याण-डोंबिवली (महाराष्ट्र) में 65 बिल्डरों ने जाली RERA सर्टिफिकेट के दम पर महीनों तक अपना काम चलाया — इस धोखाधड़ी को RERA ने नहीं, बल्कि एक प्राइवेट आर्किटेक्ट ने पकड़ा था। रजिस्ट्रेशन सिर्फ पहली जरूरत है, सुरक्षा की अंतिम गारंटी नहीं। आपको अभी भी एक वकील के जरिए टाइटल डीड की स्वतंत्र जांच करानी चाहिए, स्थानीय नगर निगम कार्यालय में जाकर मंजूरियों को वेरिफाई करना चाहिए, और पोर्टल पर एस्क्रो अकाउंट के विवरण की पुष्टि करनी चाहिए। RERA रजिस्ट्रेशन को सुरक्षा का अंतिम ठप्पा नहीं, बल्कि वेरिफिकेशन का पहला कदम मानें।

2

मैं कैसे जांचूं कि कोई RERA रजिस्ट्रेशन नंबर असली है या नकली?

अपने राज्य के RERA पोर्टल (MahaRERA, UP RERA, K-RERA आदि) पर जाएं, सर्च बार में रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और तीन मुख्य चीजों को वेरिफाई करें: पहला, पोर्टल पर दिख रहा प्रोजेक्ट का नाम वही होना चाहिए जो बिल्डर ने आपको बताया है; दूसरा, प्रमोटर या डेवलपर कंपनी का नाम आपके एग्रीमेंट से मेल खाना चाहिए; और तीसरा, रजिस्ट्रेशन की वैधता (validity) समाप्त न हुई हो। पोर्टल पर उपलब्ध स्वीकृत लेआउट प्लान (approved layout plan) की तुलना बिल्डर के ब्रोशर से करें। यदि पोर्टल पर उस रजिस्ट्रेशन नंबर का कोई रिजल्ट नहीं दिखता है, तो सर्टिफिकेट जाली है। यदि विवरण में अंतर है — जैसे अलग प्रमोटर का नाम या अलग लैंड सर्वे नंबर — तो हो सकता है कि बिल्डर किसी दूसरे प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा हो। अपने रिकॉर्ड के लिए इन सभी पेजों के स्क्रीनशॉट जरूर ले लें।

3

RERA रजिस्ट्रेशन देने से पहले किन चीजों की जांच नहीं करता है?

RERA जमीन के मालिकाना हक (land title) या ओनरशिप चेन की मैन्युअल जांच नहीं करता, नगर निगम की मंजूरियों का स्वतंत्र रूप से वेरिफिकेशन नहीं करता, बिल्डर के पुराने फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड या प्रोजेक्ट डिलीवरी के इतिहास का आकलन नहीं करता, और न ही निर्माण की गुणवत्ता (construction quality) का निरीक्षण करता है। यह पूरी तरह से बिल्डर द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों को स्वीकार करता है। यदि कोई बिल्डर फर्जी कमेंसमेंट सर्टिफिकेट (CC), नकली नगर निगम NOC या जाली टाइटल डॉक्यूमेंट अपलोड कर देता है, तो RERA बिना किसी ऑन-फील्ड वेरिफिकेशन के रजिस्ट्रेशन जारी कर देता है। जांच केवल तभी शुरू होती है जब कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराता है। यही कारण था कि महाराष्ट्र के 65 बिल्डर्स जाली सर्टिफिकेट के सहारे तब तक काम करते रहे जब तक कि एक आम नागरिक ने इसकी पोल नहीं खोल दी।

4

किन रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को RERA रजिस्ट्रेशन से छूट मिली हुई है?

जिन प्रोजेक्ट्स की जमीन का कुल क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर से कम है या जिनमें बनने वाले अपार्टमेंट्स की संख्या 8 से कम है (आपके राज्य के नियमों के अनुसार जो भी कम हो), उन्हें RERA से पूरी तरह छूट प्राप्त है। इसके अलावा, ऐसे प्लॉटेड डेवलपमेंट्स (जमीन के टुकड़े) जिनमें पार्क, क्लब या कॉमन फैसिलिटीज जैसी सुविधाओं का वादा नहीं किया गया है, वे भी इसके दायरे से बाहर हैं। कमर्शियल रिनोवेशन प्रोजेक्ट्स और वे प्रोजेक्ट्स जिन्हें RERA कानून लागू होने से पहले ही कंपीटीशन सर्टिफिकेट (CC) मिल चुका था, उन्हें भी छूट है। बिल्डर्स इस नियम का गलत फायदा उठाते हैं; वे 50 यूनिट के एक बड़े प्रोजेक्ट को 7-7 यूनिट के छह छोटे-छोटे सब-पॉट्स में बांट देते हैं ताकि वे इस सीमा से नीचे आ जाएं। ऐसे प्रोजेक्ट्स में आपको कोई RERA सुरक्षा नहीं मिलती — न कोई एस्क्रो अकाउंट का नियम, न कोई समयसीमा और न ही देरी पर पेनाल्टी का प्रावधान।

5

क्या बिना RERA नंबर के प्री-लॉन्च ऑफर्स देना कानूनी रूप से सही है?

बिल्कुल नहीं। RERA एक्ट की धारा 3 के तहत, कोई भी प्रमोटर या बिल्डर किसी भी प्रोजेक्ट को RERA में रजिस्टर कराए बिना उसकी मार्केटिंग, विज्ञापन, बुकिंग, बिक्री या बिक्री का ऑफर नहीं दे सकता। यदि कोई बिल्डर RERA रजिस्ट्रेशन मिलने से पहले ग्राहकों से 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (EOI) या बुकिंग राशि के नाम पर पैसे जुटा रहा है, तो वह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन कर रहा है। इसके बावजूद, लोग कम कीमतों के लालच में प्री-लॉन्च स्कीम्स में पैसा लगा देते हैं। यदि आप किसी प्री-लॉन्च इवेंट में 5-10 लाख रुपये दे देते हैं और बाद में वह प्रोजेक्ट RERA में रजिस्टर नहीं हो पाता, तो आप शिकायत दर्ज कराने के लिए RERA फोरम का दरवाजा नहीं खटखटा सकते। आपके पास केवल कंज्यूमर कोर्ट या सिविल कोर्ट जाने का रास्ता बचता है, जहां फैसले में 3 से 7 साल का समय लग सकता है।

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NRI खरीदारों के साथ बिना रजिस्टर्ड या फर्जी RERA प्रोजेक्ट्स के जरिए धोखाधड़ी कैसे होती है?

NRI धोखाधड़ी का एक तय पैटर्न होता है: भारत में रहने वाला कोई रिश्तेदार या दोस्त किसी बिल्डर की सिफारिश करता है, और NRI खरीदार केवल वॉट्सऐप ब्रोशर और वीडियो कॉल के भरोसे पैसे ट्रांसफर कर देता है। कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर जाकर RERA रजिस्ट्रेशन की जांच करने या साइट पर जाने की तकलीफ नहीं उठाता। बिल्डर्स इस दूरी का फायदा उठाते हैं — वे पीडीएफ फॉर्मेट में फर्जी सर्टिफिकेट भेज देते हैं, किसी दूसरे प्रोजेक्ट का RERA नंबर दिखा देते हैं, या उन प्रोजेक्ट्स में फ्लैट बेच देते हैं जो RERA के दायरे में ही नहीं आते। जब तक NRI भारत आता है और उसे फ्रॉड का पता चलता है, तब तक 12 से 24 महीने बीत चुके होते हैं और वे 20-50 लाख रुपये गंवा चुके होते हैं। हमेशा राज्य के पोर्टल पर खुद RERA नंबर की जांच करें, एक लोकल वकील से साइट और टाइटल चेक कराएं, और कभी भी किसी बिचौलिए के भरोसे पर पैसा ट्रांसफर न करें।

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500 वर्ग मीटर और 8-यूनिट वाली RERA छूट का लूपहोल (खामी) क्या है?

RERA का नियम कहता है कि केवल 500 वर्ग मीटर से अधिक की जमीन या 8 से अधिक यूनिट वाले प्रोजेक्ट्स को ही रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। बिल्डर्स इस कानूनी खामी का फायदा उठाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स को छोटे-छोटे फेज या सब-प्लॉट्स में तोड़ देते हैं, जिससे हर हिस्सा इस तय सीमा से नीचे आ जाता है। उदाहरण के लिए, 2 एकड़ की एक टाउनशिप जिसमें 200 फ्लैट्स बनने हैं, उसे 6-7 फ्लैट्स वाले 30 अलग-अलग सब-प्लॉट्स में कागजों पर बांट दिया जाता है। इस तरह हर सब-पॉट को RERA से छूट मिल जाती है। इन सब-प्लॉट्स में फ्लैट खरीदने वाले ग्राहकों को न तो RERA एस्क्रो की सुरक्षा मिलती है, न काम पूरा होने की कोई कानूनी समयसीमा मिलती है, और न ही वे RERA फोरम में शिकायत कर सकते हैं। बिल्डर बिना किसी डर के फंड को कहीं भी डायवर्ट कर सकता है। हमेशा बिल्डर से पूछें: क्या यह प्रोजेक्ट किसी बड़े डेवलपमेंट का हिस्सा है? यदि हाँ, तो जांचें कि क्या मूल पैरेंट प्रोजेक्ट के पास सभी फेजों को कवर करने वाला एक सिंगल RERA रजिस्ट्रेशन है।

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क्या कोई बिल्डर किसी दूसरे प्रोजेक्ट के RERA नंबर का इस्तेमाल कर सकता है?

हाँ, और ऐसा जमीनी स्तर पर अक्सर देखा जाता है। यदि किसी बिल्डर के पास एक वैध रूप से रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट है, तो वह उसी RERA नंबर को अपने किसी दूसरे अनरजिस्टर्ड या अवैध प्रोजेक्ट के मार्केटिंग मटेरियल पर छाप देता है। आम खरीदार जो पोर्टल पर गहराई से जांच नहीं करते, वे मान लेते हैं कि यह नंबर इसी प्रोजेक्ट का है। जब आप राज्य की RERA वेबसाइट पर नंबर सर्च करें, तो यह जरूर देखें कि प्रोजेक्ट का नाम, सटीक लोकेशन, सर्वे नंबर और प्रमोटर का नाम वही हो जो बिल्डर आपको बेच रहा है। अगर पोर्टल पर वह नंबर ठाणे के किसी 'प्रोजेक्ट A' का है और बिल्डर आपको पनवेल में फ्लैट बेच रहा है, तो समझ जाएं कि वह दूसरे प्रोजेक्ट के नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा है। RERA के तहत यह एक गंभीर आपराधिक श्रेणी का अपराध है।

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RERA पोर्टल पर सिर्फ रजिस्ट्रेशन नंबर के अलावा मुझे और क्या जांचना चाहिए?

सिर्फ नंबर होने की पुष्टि करने के अलावा छह और महत्वपूर्ण चीजें जांचें। पहला, रजिस्ट्रेशन की वैधता की तारीख (validity date) — यदि तारीख निकल चुकी है, तो बिल्डर कानूनी रूप से बिक्री नहीं कर सकता। दूसरा, प्रमोटर या डेवलपर कंपनी का नाम आपके एग्रीमेंट से हूबहू मिलना चाहिए। तीसरा, स्वीकृत यूनिट्स और मंजिलों (floors) की संख्या — अगर बिल्डर आपको 12वीं मंजिल पर फ्लैट बेच रहा है लेकिन RERA की मंजूरी केवल 10 मंजिलों की है, तो वे ऊपर की मंजिलें अवैध हैं। चौथा, स्वीकृत लेआउट प्लान डाउनलोड करें और उसकी तुलना बिल्डर के ब्रोशर से करें। पांचवां, एस्क्रो अकाउंट का विवरण देखें — नियम के मुताबिक खरीदारों के पैसे का 70% हिस्सा इसी खाते में जाना चाहिए। छठा, कम्प्लेंट हिस्ट्री (शिकायत इतिहास) सेक्शन देखें — यदि उस बिल्डर के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें दर्ज हैं, तो यह आपके लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है।

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अगर मुझे पता चले कि मेरे बिल्डर का RERA सर्टिफिकेट जाली है, तो मैं क्या कर सकता हूँ?

सबसे पहले राज्य के RERA पोर्टल पर तुरंत एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें — इससे आधिकारिक जांच शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 और 336 (पहले IPC की धारा 420 और 468) के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी की FIR दर्ज कराएं। जिला कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को भी लिखित शिकायत भेजें। यदि आप पहले ही पैसे दे चुके हैं, तो सेवा में कमी (deficiency in service) के लिए कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज करें। यदि विवादित रकम 2 करोड़ रुपये से अधिक है, तो आप सीधे राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) का रुख कर सकते हैं। ब्याज सहित पैसा वापस पाने के लिए एक अच्छे रियल एस्टेट वकील से सलाह लेकर सिविल सूट दायर करें। जाली सर्टिफिकेट के स्क्रीनशॉट, पेमेंट रसीदें, बिल्डर के साथ हुए मैसेज/ईमेल और पोर्टल के सर्च रिजल्ट्स को सबूत के तौर पर संभाल कर रखें।

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क्या पश्चिम बंगाल का HIRA कानून RERA के समान ही है?

नहीं। पश्चिम बंगाल ने केंद्रीय RERA कानून को लागू करने से इनकार कर दिया था और अपना खुद का कानून HIRA (Housing Industry Regulation Act, 2017) बनाया था। HIRA को आमतौर पर RERA के मुकाबले काफी कमजोर कानून माना जाता है। मुख्य अंतर यह है कि HIRA में खरीदारों के 70% पैसे को अनिवार्य रूप से एस्क्रो अकाउंट में रखने का कड़ा नियम नहीं है, कॉमन एरिया (साझा क्षेत्रों) की परिभाषा काफी सीमित है, और बिल्डर द्वारा नियमों के उल्लंघन पर पेनाल्टी का ढांचा बहुत ढीला है। अपीलीय अथॉरिटी का स्ट्रक्चर भी अलग है। यदि आप पश्चिम बंगाल में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो HIRA पोर्टल (hlogin.wbhira.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन जरूर जांचें, लेकिन यह ध्यान रखें कि यहाँ आपको मिलने वाली कानूनी सुरक्षा RERA राज्यों के मुकाबले काफी कम है। HIRA की संवैधानिक वैधता को लेकर कोर्ट में कई चुनौतियां दी गई हैं जो अभी भी लंबित हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ़ शैक्षिक उद्देश्य के लिए है — कोई वित्तीय सलाह नहीं। आर्टिकल में लिखी तारीख़ तक के प्रकाशित डेटा पर आधारित दरें, रिटर्न और टैक्स नियम बदल सकते हैं। कोई भी निवेश का फ़ैसला लेने से पहले एक प्रमाणित फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लीजिए।

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